कारगिल विजय दिवस क्यों मनाते है
21 Years Of Operation Vijay Kargil Diwas:
ऑपरेशन विजय को 21 साल पूरे, आज ही के दिन पाकिस्तान को हराकर भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध में लहाराया था तिरंगा🇮🇳🇮🇳
कारगिल विजय युद्ध से पहले :-
1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद भी कई सैन्य संघर्ष होता रहा। दोनों देशों द्वारा परमाणु परीक्षण के कारण तनाव और बढ़ गया था। स्थिति को शांत करने के लिए दोनों देशों ने फरवरी 1999 में लाहौर में घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए। जिसमें कश्मीर मुद्दे को द्विपक्षीय वार्ता द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से हल करने का वादा किया गया था। लेकिन पाकिस्तान ने अपने सैनिकों और अर्ध-सैनिक बलों को छिपाकर नियंत्रण रेखा के पार भेजने लगा और इस घुसपैठ का नाम "ऑपरेशन बद्र" रखा था।
प्रारम्भ में इसे घुसपैठ मान लिया था और दावा किया गया कि इन्हें कुछ ही दिनों में बाहर कर दिया जाएगा। लेकिन नियंत्रण रेखा में खोज के बाद और इन घुसपैठियों के नियोजित रणनीति में अंतर का पता चलने के बाद भारतीय सेना को अहसास हो गया कि हमले की योजना बहुत बड़े पैमाने पर किया गया है। इसके बाद भारत सरकार ने ऑपरेशन विजय नाम से 2,00,000 सैनिकों को भेजा। यह युद्ध आधिकारिक रूप से 26 जुलाई 1999 को समाप्त हुआ। इस युद्ध के दौरान 500 से ज्यादा सैनिकों ने अपने जीवन का बलिदान दिया और 1300 से ज्यादा घायल हुए थे ।
आज कारगिल विजय दिवस को 21साल पूरे :-
साल 1999 में दो महीने तक चले कारगिल युद्ध में भारत ने पाकिस्तानियों घुसपैठियों को मुहंतोड़ जवाब दिया और उनको भारत की सीमा से खदेड़ दिया था. भारत के वीरों के सम्मान में हर साल कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है.
शहीद वीर सैनिक :-
कागिल युद्ध में भारत ने ऑपरेशन विजय चलाया और पाकिस्तान को मुह तोड़ जवाब मिला। इस युद्ध में भारत ने कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन मनोज कुमार पांडेय, कैप्टन सौरभ कालिया समेत कई वीर सैनिकों ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और हमेशा के लिए अमर हो गए.
21 Years Of Operation Vijay Kargil Diwas
नई दिल्ली :-आज यानी कि 26 जुलाई को पूरे देश में कारगिल विजय दिवस मनाया जा रहा है. 21 साल पहले साल 1999 में भारत ने आज ही के दिन कारिगलयुद्ध में फतह हासिल की थी. पाकिस्तानी घुसपैठियों की ओर से कारगिल की शिकर पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया गया था, जिसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय चलाया और 26 जुलाई को कई दिन तक चले कारगिल युद्ध में विजय प्राप्त की. इस वजह से हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है. कारगिल युद्ध में भारत के 500 से ज्यादा जवानों ने अपने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर दिये और 1300 से ज्यादा जवान घायल हुए।कारगिल शिखर :-
18 हजार फीट की ऊंचाई पर चले इस कारगिल युद्ध में जिस तरह देश के वीर सपूतों ने अपने साहस का परिचय दिया उसपर सभी देशवासियों को गर्व है और हमेशा रहे गा.माना जाता है कि पाकिस्तान ने इस युद्ध मे करीब 5000 सैनिकों और घुसपैठियों ने भारतीय सीमा के कारगिल में कब्जा कर लिया था. पाकिस्तान घुसपैठियों ने ऊंचाई पर कब्जा कर लिया था, जिससे भारतीय सेना को दुश्मन का सामना करने में परेशानी हो रही थी क्योंकि हमारे सैनिक नीचे खाई में रहकर दुशमन का मुकाबला कर रहे थे.
वायु सेना कारगिल अहम योगदान:-
इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय वायुसेना ने मिग-27 और मिग- 29 का इस्तेमाल किया और पाकिस्तान के कब्जाए ठिकानों पर आर-77 मिसाइल से गोले दागकर सभी को नष्ट कर दिया. भारतीय सेना ने पाकिस्तान को खदेड़ने में कामयाब रही और 26 जुलाई को भारत ने कारगिल युद्ध जीत लिया. भारत की शान में कारगिल युद्ध में विजय के बाद देश के वीर योद्धाओं ने कारगिल की पहाड़ियों पर तिरंगा फहराया. कारगिल युद्ध में भारत के 500 से ज्यादा जवानों को शहादत मिली और 1300 से ज्यादा जवान घायल हो गए. वहीं पाकिस्तान के भी हजारों सैनिक इस युद्ध में मारे गए लेकिन पाकिस्तान ने 357 जवानों के मारे जाने की बात कही थी.
जय हिंद जय भारत🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳Comment करे जय हिंद

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